दक्षिण अफ्रीका में मक्का की फसल 2025 में बढ़कर 15.8 मिलियन मीट्रिक टन हुई, 23% की वृद्धि दर्ज

दक्षिण अफ्रीका ने 2025 की मक्का की फसल में 23% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है, जो अब 15.8 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी उत्पादन और निर्यात संभावनाओं को बढ़ाती है।

अगस्त 30, 2025 - 09:39
अगस्त 30, 2025 - 09:40
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दक्षिण अफ्रीका में मक्का की फसल 2025 में बढ़कर 15.8 मिलियन मीट्रिक टन हुई, 23% की वृद्धि दर्ज
दक्षिण अफ्रीका के एक खेत में हरे-भरे मक्का के पौधे कह रहे हैं कि यह वर्ष कृषि में पुनरागमन का साल रहा।

दक्षिण अफ्रीका, जोकि अफ्रीका का अग्रणी मक्का उत्पादक है, ने 2025 में मक्का उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार किया है। पिछले वर्ष की सूखे की मार से उबरते हुए, इस साल उत्पादन 15.8 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो 12.85 मिलियन टन था—लगभग 23% अधिक। यह सुधार लगभग 18% प्रति हेक्टेयर उच्च उपज और बेहतर कृषि प्रबंधन का नतीजा है। 

पूर्ववर्ती वर्ष में El Niño की वजह से हुई खराब फसल के बाद यह पुनरागमन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वर्षा के उचित वितरण और सुधारित मिट्टी की नमी ने उत्पादन वृद्धि में मदद की। USDA ने दर्शाया है कि उत्पादन क्षेत्र में एक हल्की गिरावट के बावजूद कुल उत्पादन में तेजी आई।

2025 की इस मजबूत फसल ने दक्षिण अफ्रीका को एशियाई निर्यात बाजारों, खासतौर पर वियतनाम और दक्षिण कोरिया, की ओर अपना रुख मोड़ने का मौका दिया है। अमेरिकी पशु आहार उद्योग में उपयोग होने वाला ये पीला मक्का विशेष रूप से मांग में है।

हालांकि, क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है क्योंकि जिम्बाब्वे और जाम्बिया जैसे पड़ोसी देशों ने भी अपने उत्पादन में वृद्धि की है। USDA की रिपोर्ट बताती है कि घरेलू खपत स्थिर रहेगी, लेकिन निर्यात अवसरों को बढ़ाने के लिए नीति निर्णय महत्वपूर्ण होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कृषि क्षेत्र में भविष्य की रूपरेखा का संकेत है—जहां उत्पादन में वृद्धि, जलवायु-प्रतिरोधक फसलें, बेहतर सिंचाई, और post-harvest प्रबंधन जैसे कदम कृषि स्थिरता और आर्थिक विकास की कुंजी बन सकते हैं।