किसानों के लिए बड़ी खबर: ड्रिप सिंचाई और कृषि उपकरणों की 400 करोड़ की लंबित सब्सिडी मई के अंत तक होगी जारी
खरीफ सीजन से पहले महाराष्ट्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। ड्रिप सिंचाई और कृषि उपकरणों के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की लंबित सब्सिडी 31 मई 2026 तक सीधे खातों में जमा होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष धन की पहली किस्त जल्दी जारी कर दी है, जिससे राज्य का हिस्सा मिलते ही तुरंत वितरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
महाराष्ट्र के हजारों किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। 29 अप्रैल 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ड्रिप सिंचाई प्रणाली और कृषि मशीनरी के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया सब्सिडी 31 मई तक सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा होने की संभावना है। आमतौर पर, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के लिए केंद्रीय धन वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही तक प्राप्त नहीं होता है, जिससे किसानों की खरीफ की योजना प्रभावित होती है। हालांकि, इस साल केंद्र ने अप्रैल में ही पहली किस्त जारी कर सक्रियता दिखाई है।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने RKVY के तहत राज्य के लिए कुल ₹671.65 करोड़ मंजूर किए हैं। इसमें से ₹335.83 करोड़ की पहली किस्त 'SNA-Sparsh' प्रणाली के माध्यम से हस्तांतरित कर दी गई है। केंद्रीय मंत्रालय के अवर सचिव अशोक कुमार के अनुसार, जारी किए गए धन का विवरण इस प्रकार है:
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सामान्य श्रेणी: ₹264.63 करोड़
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अनुसूचित जाति: ₹39.63 करोड़
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अनुसूचित जनजाति: ₹31.57 करोड़
लंबित सब्सिडी की सर्वाधिक राशि कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत है, जिसमें लगभग ₹218 करोड़ वितरित किए जाने हैं। ड्रिप और सूक्ष्म सिंचाई के लिए लगभग ₹208 करोड़ वितरित किए जाएंगे। कृषि निदेशक (प्रसंस्करण एवं योजना) विनयकुमार आवटे ने पुष्टि की है कि चूंकि खरीफ बुवाई की अवधि से पहले केंद्रीय हिस्सा प्राप्त हो गया है, इसलिए विभाग अब मई के अंत तक भुगतान पूरा करने के लिए राज्य के मिलान अनुदान (matching grant) का इंतजार कर रहा है। समय पर इस राशि के मिलने से किसानों को बीज, उर्वरक खरीदने और आगामी बुवाई चक्र के लिए उपकरणों के रखरखाव के लिए आवश्यक नकदी उपलब्ध होने की उम्मीद है।