पुणे में 'गौ टेक 2026' का शुभारंभ: गाय आधारित अर्थव्यवस्था में नवाचार और उद्यमिता का अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन

पुणे के एग्रीकल्चर कॉलेज ग्राउंड में 20 मार्च को चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी 'गौ टेक 2026' की शुरुआत हुई। 'ग्लोबल कॉन्फेडरेशन ऑफ काऊ-बेस्ड इंडस्ट्रीज' (GCCBI) और महाराष्ट्र गोसेवा आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 300 से अधिक स्टॉल और प्राकृतिक खेती व ग्रामीण स्टार्टअप पर केंद्रित 10 सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं।

मार्च 21, 2026 - 09:29
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पुणे में 'गौ टेक 2026' का शुभारंभ: गाय आधारित अर्थव्यवस्था में नवाचार और उद्यमिता का अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन
पुणे के एग्रीकल्चर कॉलेज ग्राउंड में 'गौ टेक 2026' एक्सपो का भव्य प्रवेश द्वार, जहां देशी गायों की नस्लों वाले बैनर लगे हैं और जैविक उर्वरकों व पंचगव्य उत्पादों के स्टालों पर किसानों और उद्यमियों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

पुणे, जो अपनी सांस्कृतिक और शैक्षिक विरासत के लिए जाना जाता है, वर्तमान में 'गौ टेक 2026' जैसे ऐतिहासिक कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है। इसका उद्देश्य गाय आधारित उद्योगों और नवाचारों को वैश्विक पहचान दिलाना है। 20 मार्च 2026 को शिवाजीनगर के एग्रीकल्चर कॉलेज ग्राउंड में इस चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया गया, जो पारंपरिक वैदिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के बीच एक सेतु का कार्य कर रहा है।

इस प्रदर्शनी में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जो जैव-कीटनाशक, जैविक उर्वरक, पंचगव्य आधारित स्वास्थ्य देखभाल और बायोगॅस जैसे जैव-ऊर्जा समाधानों सहित उत्पादों और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित कर रहे हैं। विभिन्न स्वदेशी भारतीय गोवंश का जीवंत प्रदर्शन इस एक्सपो का मुख्य आकर्षण है, जिससे किसानों और पशुपालकों को स्थानीय पशुधन की आर्थिक क्षमता को समझने का अवसर मिल रहा है।

'ग्लोबल कॉन्फेडरेशन ऑफ काऊ-बेस्ड इंडस्ट्रीज' (GCCBI) के संस्थापक डॉ. वल्लभभाई कथीरिया ने जोर देकर कहा कि यह एक्सपो गाय के महत्व को आर्थिक प्रोत्साहन से जोड़ने का एक आंदोलन है। गोबर और गोमूत्र के मूल्यवर्धन के माध्यम से लावारिस पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान खोजना इसका मुख्य लक्ष्य है। कार्यक्रम के दौरान 10 विषयगत सेमिनार भी आयोजित किए जा रहे हैं, जहां वैज्ञानिक, नीति निर्माता और सफल उद्यमी मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था में गाय आधारित निवेश के एकीकरण पर चर्चा कर रहे हैं।

'गौ टेक 2026' के रणनीतिक लक्ष्यों में से एक B2B (Business-to-Business) और G2B (Government-to-Business) अवसरों को बढ़ावा देना है। इस शिखर सम्मेलन के दौरान कई समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, विशेष रूप से गोबर से बनी पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री और उच्च मूल्य वाले औषधीय उत्पादों के क्षेत्र में।

23 मार्च को समापन समारोह तक 15,000 से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है। इस प्रदर्शनी को "विकसित भारत 2047" के विजन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीण युवाओं के लिए यह कार्यक्रम 'गौ-केंद्रित स्टार्टअप' शुरू करने के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है, जो टिकाऊ स्थानीय रोजगार पैदा करके भारत के ग्रामीण परिदृश्य को पुनर्जीवित कर सकता है।