इथेनॉल ने बचाया गन्ना किसानों और महाराष्ट्र की शुगर इंडस्ट्री को : नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इथेनॉल उत्पादन ने महाराष्ट्र के गन्ना किसानों को सहारा दिया और शुगर मिलों को बंद होने से बचाया। मक्का आधारित इथेनॉल से मक्का की कीमतें भी दोगुनी हुईं।
महाराष्ट्र की शुगर इंडस्ट्री लंबे समय से संकट में रही है। शुगर के दाम गिरने, उत्पादन लागत बढ़ने और किसानों को भुगतान में देरी के कारण कई मिलें बंद होने की कगार पर पहुंच गई थीं। इस स्थिति ने लाखों गन्ना किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा कर दिया था।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में कहा कि इथेनॉल उत्पादन ने इस संकट से बाहर निकलने का रास्ता दिखाया। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की नीति से शुगर मिलों को स्थिर आमदनी का स्रोत मिला और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हुआ।
उन्होंने यह भी बताया कि इथेनॉल ने सिर्फ गन्ना ही नहीं बल्कि मक्का किसानों के लिए भी अवसर बनाए हैं। मक्का आधारित इथेनॉल उत्पादन से मक्का की मांग बढ़ी और कीमतें दोगुनी हो गईं। इससे किसानों को अपनी फसल विविधिकरण का लाभ मिला।
भारत सरकार की इथेनॉल मिश्रण योजना से देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हुई है। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम हुई और किसानों की आय बढ़ी। महाराष्ट्र, जो देश का प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्य है, ने इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उठाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल उत्पादन में दीर्घकालीन निवेश और विविध फीडस्टॉक्स से कृषि अर्थव्यवस्था स्थिर होगी। गडकरी के अनुसार, इथेनॉल ने न सिर्फ शुगर इंडस्ट्री को बचाया है बल्कि ग्रामीण समृद्धि और टिकाऊ कृषि का आधार भी बना है।