महाराष्ट्र कर्ज माफी 2026: 'अहिल्यादेवी होल्कर' योजना के विस्तृत नियम; 2 लाख तक माफी और 50 हजार का प्रोत्साहन
महाराष्ट्र के बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री फडणवीस ने ₹35,000 करोड़ की बड़ी कर्ज माफी की घोषणा की है। इसमें डिफॉल्टर किसानों के लिए ₹2 लाख तक की माफी और समय पर कर्ज चुकाने वालों के लिए ₹50,000 का इनाम शामिल है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। "पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026" के तहत राज्य के लाखों किसानों का सात-बारा (ऋण रिकॉर्ड) कोरा करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के लिए सरकार ने लगभग ₹35,000 करोड़ का प्रावधान किया है, जिसमें बकायादार और नियमित ऋण चुकाने वाले, दोनों प्रकार के किसानों को न्याय देने का प्रयास किया गया है।
कर्जमाफी के विस्तृत मानदंड (बकायादार किसानों के लिए):
जिन किसानों ने फसल ऋण लिया था लेकिन किन्हीं कारणों से उसे चुका नहीं पाए, उनके लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं:
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ऋण सीमा: एक किसान का अधिकतम ₹2 लाख तक का मूलधन और उस पर लगने वाला ब्याज माफ किया जाएगा।
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कट-ऑफ तिथि: केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा जिनका ऋण 30 सितंबर 2025 तक बकाया (Overdue) है।
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क्षेत्र की कोई सीमा नहीं: इस बार की योजना में भूमि जोत (Landholding) की कोई शर्त नहीं रखी गई है, जिससे छोटे और बड़े दोनों प्रकार के किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा।
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आधार लिंकिंग: लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है।
नियमित ऋण चुकाने वालों के लिए ₹50,000 का प्रोत्साहन:
जो किसान समय पर ऋण का भुगतान करते हैं, उनके साथ अन्याय न हो, इसलिए सरकार ने उन्हें विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है:
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प्रोत्साहन राशि: नियमित ऋण चुकाने वाले किसानों को अधिकतम ₹50,000 का अनुदान सीधे उनके बैंक खाते में दिया जाएगा।
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लाभार्थियों की संख्या: राज्य के लगभग 20 लाख नियमित ऋणी किसानों को इस निर्णय का लाभ होगा।
मुफ्त बिजली और अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान:
कर्जमाफी के साथ-साथ खेती की लागत कम करने के लिए बजट में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं:
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मुफ्त बिजली: 7.5 एचपी (HP) तक के कृषि पंपों का उपयोग करने वाले किसानों को मुफ्त बिजली देने के लिए ₹20,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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प्राकृतिक खेती: अगले दो वर्षों में 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को प्राकृतिक खेती के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है।
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बीमा सुरक्षा: खेतिहर मजदूरों को गोपीनाथ मुंडे दुर्घटना बीमा योजना का संरक्षण देकर ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा बढ़ाई गई है।
कार्यान्वयन और पारदर्शिता:
इस योजना को अत्यंत पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए सरकार 'एग्रीस्टैक' (Agristack) डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगी। प्रत्येक किसान को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिससे बिना किसी बिचौलिये के सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा जमा होगा। कार्यान्वयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सरकार ने 30 जून 2026 तक सभी पात्र किसानों को लाभ देने का लक्ष्य रखा है।