राजस्थान में ‘विलायती बबूल’ उखाड़ फेंकने की पहल

राजस्थान के पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने Prosopis juliflora (विलायती बबूल) को मिटाने के लिए जड़ तक उखाड़ फेंकने की बहु-चरणीय योजना का ऐलान किया।

अगस्त 28, 2025 - 16:56
 11
राजस्थान में ‘विलायती बबूल’ उखाड़ फेंकने की पहल

जयपुर – राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण और कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने Prosopis juliflora, जिसे आमतौर पर विलायती बबूल कहा जाता है, को पूरी तरह उखाड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सिर्फ पेड़ काटना पर्याप्त नहीं है; उनकी जड़ें भी हटानी होंगी ताकि यह प्रजाति फिर से फैल न सके और पारिस्थितिकी संतुलन बना रहे।

यह अभियान पहले उन क्षेत्रों में शुरू होगा जहाँ यह पेड़ बड़े पैमाने पर फैला हुआ है। इसके माध्यम से जैव विविधता का संरक्षण, कृषि भूमि की उर्वरता में सुधार और पशुपालकों के लिए बेहतर चरागाह सुनिश्चित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय किसानों और पशुपालकों के लिए स्थायी लाभ प्रदान करना है।

मंत्री दिलावर ने बताया कि विलायती बबूल की जड़ें और उनका जंगली फैलाव स्थानीय वनस्पति की वृद्धि को रोकते हैं, मिट्टी की उर्वरता घटाते हैं और चराई के लिए गास के मैदानों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे कृषि उत्पादन प्रभावित होता है और पशुपालक समुदाय पर आर्थिक दबाव बढ़ता है।

सरकार इस पहल के लिए वन, कृषि और ग्रामीण विकास विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर रही है। इसमें स्थानीय प्रशासन और एनजीओ भी भाग लेंगे, ताकि पेड़ काटने, जड़ों को हटाने और भूमि पुनर्वसन कार्य को आधुनिक और प्रभावी तरीकों से अंजाम दिया जा सके। यह सुनिश्चित करेगा कि न केवल आज बल्कि आने वाले समय में भी यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से समृद्ध रहे।

इस अभियान के सफल कार्यान्वयन के बाद राजस्थान में जैव विविधता का संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना और कृषि उत्पादन में सुधार संभव होगा। साथ ही, स्थानीय समुदाय को इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करके, सतत विकास और जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।