गडकरी ने किसानों के लिए दीर्घकालिक उपायों पर दिया जोर
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए दीर्घकालिक और टिकाऊ उपायों पर जोर दिया। उन्होंने जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रामीण आजीविका सुरक्षित करने के लिए प्रमुख क्षेत्र बताया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों के संवाद कार्यक्रम में कहा कि तात्कालिक राहत योजनाएं सहायक तो होती हैं, लेकिन टिकाऊ समाधान नहीं देतीं। इसके लिए सिंचाई प्रबंधन, फसल विविधीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाना ज़रूरी है।
गडकरी ने कृषि में जल के कुशल उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत के लगभग 80% मीठे पानी का उपयोग खेती में होता है। यदि टपक और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों को बड़े पैमाने पर नहीं अपनाया गया तो जल संकट खेती की स्थिरता पर गंभीर असर डालेगा।
फसल विविधीकरण पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा कि किसानों को गन्ना और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों से हटकर तिलहन, दालें और बागवानी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलें अपनानी चाहिए। इससे न केवल किसानों की आय में स्थिरता आएगी बल्कि भारत की आयात पर निर्भरता भी घटेगी।
उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर भी बल दिया, खासकर सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप और बायो-एनर्जी प्रोजेक्ट्स। इससे किसानों के खर्च कम होंगे और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलेगा। गडकरी ने कहा कि सरकार इस दिशा में सब्सिडी और सहायता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपने भाषण के अंत में गडकरी ने तकनीक, नीतिगत सहयोग और किसानों की भागीदारी को जोड़ने वाली समग्र नीति की अपील की। उन्होंने कहा कि कृषि भारत की रीढ़ है और किसानों को दीर्घकालिक सुधारों से मजबूत करना ही सतत विकास का मार्ग है।