अहिल्यानगर मंडी में ज्वार की आवक बढ़ी: अच्छी गुणवत्ता वाली ज्वार को ₹5,500 तक का भाव; रोजाना 300 क्विंटल की आवक
अहिल्यानगर की दादा पाटिल शेल्के मंडी में रबी ज्वार की आवक में लगातार तेजी देखी जा रही है। वर्तमान में मंडी में रोजाना 200 से 300 क्विंटल ज्वार पहुंच रही है, जहां उच्च गुणवत्ता वाली (FAQ) ज्वार अधिकतम ₹5,500 प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रही है।
अहिल्यानगर की दादा पाटिल शेल्के कृषि उपज मंडी समिति में 11 अप्रैल 2026 तक रबी ज्वार की आवक ने रफ्तार पकड़ ली है। क्षेत्र में रबी फसल की कटाई लगभग पूरी होने के साथ, मंडी में रोजाना 200 से 300 क्विंटल ज्वार की आवक हो रही है। मंडी प्रशासन ज्वार को दो श्रेणियों—'एफएक्यू' (FAQ) और 'नॉन-एफएक्यू' में वर्गीकृत कर नीलामी कर रहा है।
अच्छी गुणवत्ता वाली एफएक्यू ज्वार को मंडी में बहुत अच्छे दाम मिल रहे हैं। गुरुवार (9 अप्रैल) को लगभग 100 क्विंटल एफएक्यू ज्वार की आवक हुई, जिसे ₹3,800 से ₹5,000 के बीच भाव मिला, जबकि औसत भाव ₹4,000 प्रति क्विंटल रहा। इससे पहले, शनिवार (4 अप्रैल) को कुछ बेहतरीन लॉट्स को ₹5,500 का उच्चतम भाव भी मिला था। वहीं, नॉन-एफएक्यू श्रेणी की ज्वार, जिसकी आवक अधिक (करीब 170-192 क्विंटल) है, ₹2,000 से ₹3,500 के बीच बिक रही है।
अहिल्यानगर जिले के जामखेड और अन्य क्षेत्रों के अलावा, पड़ोसी जिलों जैसे सोलापुर, बीड, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे से भी भारी मात्रा में ज्वार यहाँ आ रही है। अन्य क्षेत्रीय मंडियों की तुलना में अहिल्यानगर में बेहतर दाम मिलने के कारण बाहरी जिलों के किसान भी अपनी फसल यहाँ लेकर आ रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 15 दिनों में आवक अपने चरम पर होगी। व्यापारी साफ और सूखी हुई ज्वार को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है। मंडी प्रशासन ने बढ़ती आवक को संभालने के लिए खुली नीलामी प्रक्रिया को और तेज कर दिया है ताकि किसानों को बिना किसी देरी के अपनी फसल का उचित दाम मिल सके।