महाराष्ट्र की डिजिटल छलांग: रिकॉर्ड धान कीमतों के बीच 30 लाख किसानों के लिए ₹500 करोड़ का 'महा-विस्तार AI' लॉन्च

महाराष्ट्र सरकार ने 30 लाख किसानों की सहायता के लिए ₹500 करोड़ की "महा-विस्तार AI" पहल को हरी झंडी दिखाई है। वहीं, आपूर्ति की भारी कमी के कारण कल्याण मंडी में धान की कीमतें ₹9,000 प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।

मार्च 4, 2026 - 09:05
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महाराष्ट्र की डिजिटल छलांग: रिकॉर्ड धान कीमतों के बीच 30 लाख किसानों के लिए ₹500 करोड़ का 'महा-विस्तार AI' लॉन्च
एक स्प्लिट-स्क्रीन दृश्य: एक तरफ स्मार्टफोन पर मराठी में कृषि सलाह देने वाला ऐप दिख रहा है; दूसरी तरफ कल्याण की मंडी में प्रीमियम धान की बोरियों का वजन होने का दृश्य है।

महाराष्ट्र में कृषि क्षेत्र एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है क्योंकि राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर "AI For Agri 2026" नीति को मंजूरी दे दी है। ₹500 करोड़ के आवंटन के साथ, राज्य का लक्ष्य हर जिले में विशेष AI और एग्रीटेक इनोवेशन सेंटर स्थापित करना है। महाराष्ट्र ऐसा व्यापक AI ढांचा लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस पहल का मुख्य हिस्सा 'महा-विस्तार AI' है, जो पहले से ही 30 लाख से अधिक किसानों को स्थानीय भाषाओं में फसल प्रबंधन और कीट नियंत्रण पर वास्तविक समय में सलाह दे रहा है।

जहां तकनीक भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही है, वहीं वर्तमान बाजार की स्थितियां धान उत्पादकों के लिए बड़े लाभ लेकर आई हैं। कल्याण कृषि उपज मंडी समिति (APMC) में आज उच्च गुणवत्ता वाली धान की किस्मों की कीमत ₹9,000 प्रति क्विंटल के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण आपूर्ति में भारी गिरावट है, क्योंकि कल्याण में दैनिक आवक घटकर मात्र 0.3 टन रह गई है। जिन किसानों के पास स्टॉक उपलब्ध है, उन्हें पिछले महीनों की तुलना में शानदार लाभ मिल रहा है।

कीमतों में मजबूती का यह रुझान केवल कल्याण तक सीमित नहीं है; उल्हासनगर और पालघर की मंडियों में भी अच्छी हलचल देखी जा रही है। इन क्षेत्रों में धान की कीमतें किस्म के आधार पर ₹4,000 से ₹6,000 प्रति क्विंटल के बीच बनी हुई हैं। मौसम की चुनौतियों के बावजूद फसल बचाने वाले किसानों के लिए यह समय आर्थिक रूप से काफी मजबूत साबित हो रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि महा-विस्तार जैसे AI टूल्स का उपयोग किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव का लाभ उठाने में मदद करने के लिए किया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म मंडी आवक और कीमतों का पूर्वानुमान प्रदान कर किसानों और व्यापारियों के बीच जानकारी के अंतर को कम करता है। इस नीति में डिजिटल मृदा स्वास्थ्य मानचित्रण और स्वचालित सिंचाई अलर्ट का भी प्रावधान है, जिससे लागत कम होने और उपज की गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद है।

महाराष्ट्र उच्च बाजार दरों और उन्नत तकनीक के इस दोहरे पथ पर आगे बढ़ रहा है, जिसका उद्देश्य लंबी अवधि में खेती को टिकाऊ बनाना है। AI में निवेश से 'स्मार्ट विलेज' का नेटवर्क तैयार होगा, जहां डेटा-आधारित निर्णयों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह समग्र दृष्टिकोण किसानों को वैश्विक बाजार की अस्थिरता से बचाने और धान की खेती को लाखों परिवारों के लिए एक लाभदायक व्यवसाय बनाने के लिए तैयार किया गया है।