भारत ने गन्ने का रस, सिरप और मोलासेस से ईथेनॉल उत्पादन की अनुमति दी

भारत सरकार ने 1 नवंबर से शुरू होने वाले 2025–26 ईथेनॉल आपूर्ति वर्ष के लिए गन्ने के रस, सिरप और मोलासेस से ईथेनॉल उत्पादन पर सभी प्रतिबंध हटाए हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ईंधन विकल्पों को मजबूत करने का लक्ष्य पूरा होगा।

सितम्बर 2, 2025 - 10:40
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भारत ने गन्ने का रस, सिरप और मोलासेस से ईथेनॉल उत्पादन की अनुमति दी
एक सुगरकेन मिल जहाँ गन्ने की रस से ईथेनॉल बनाया जा रहा हो और आसपास गन्ने के खेत दिखते हों, जो अक्षय ईंधन उत्पादन को चित्रित करता है।

एक ऐतिहासिक निर्णय में भारत सरकार ने 2025–26 के ईथेनॉल आपूर्ति वर्ष के लिए 1 नवंबर से गन्ने के रस, सिरप और मोलासेस से ईथेनॉल उत्पादन पर सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं। यह पहल पहले के सींकित उत्पादन सीमाओं से हटकर स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कृषि मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि पर्याप्त गन्ना आपूर्ति के चलते ईंधन के लिए गन्ने को अन्य उपयोगों से हटाए जाने पर पूरा नियंत्रण रखा जाएगा।

गन्ना उत्पादन में अग्रणी राज्य महाराष्ट्र ने इस नीति का उत्साहपूर्वक स्वागत किया है। ई.आई.डी.-पैर्री, बलरमपुर चीनी मिल, श्री रेणुका, बजाज हिंदुस्तान और द्वारकेश जैसे प्रमुख मिलर्स ने ईथेनॉल उत्पादन की क्षमता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र के शक्कर मिल व्यवसायी ने किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए ईथेनॉल की खरीद दर बढ़ाने का सुझाव दिया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल दे सकता है।

यह नीति देश के ईंधन में 20% ईथेनॉल मिश्रण (E20) के लक्ष्य के अनुरूप है, जिससे पेट्रोल पर निर्भरता कम हो और कार्बन उत्सर्जन में कमी आए। मोलासेस, रस और सिरप जैसी बहुविध स्रोतों को ईथेनॉल के उत्पादन में शामिल करने से किसानों को स्थिर बाजार मिलेगा और निवेशकों के लिए यह क्षेत्र आकर्षक बनेगा।

इस परिवर्तन से सरकार ने गन्ना मिलों को ईथेनॉल उत्पादन से जोड़ने हेतु एक अनुकूल माहौल बनाया है। इससे गन्ना केंद्रित क्षेत्रों में ऊर्जा उत्पादन मजबूत होगा और कृषि औद्योगिकीकरण को नए आयाम मिलेंगे।

समग्र रूप से, यह निर्णय सभी हितधारकों के लिए लाभकारी है: किसानों को बेहतर आमदनी मिलेगी, ऊर्जा क्षेत्र को स्वच्छ ईंधन सुनिश्चित होगा, और सरकार की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास लक्ष्य मजबूत होंगे। मौसमी बारिशों ने गन्ना फसल को मजबूती दी है, और अब इसका पूरा लाभ उठाया जा सकता है।