'किसानों को सहारा दें, बायोफ्यूल को बढ़ावा दें': केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बायोफ्यूल (जैव ईंधन) उत्पादन को गति देने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गन्ना, मक्का और अतिरिक्त अनाज से एथेनॉल बनाना किसानों और देश दोनों के लिए बहुत लाभकारी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट कहा है कि किसानों की आय बढ़ाने और देश को ऊर्जा सुरक्षित बनाने के लिए बायोफ्यूल के उत्पादन को तुरंत गति देनी चाहिए। भारत हर साल अरबों रुपये कच्चे तेल के आयात पर खर्च करता है, जबकि हमारे किसान अपनी फसलों का उचित मूल्य न मिलने के कारण मुश्किलों का सामना करते हैं।
गडकरी ने कहा कि गन्ना, मक्का और अतिरिक्त अनाज में एथेनॉल बनाने की भारी क्षमता है। अगर अतिरिक्त अनाज को बर्बाद होने से बचाने के लिए उसका उपयोग एथेनॉल उत्पादन में किया जाए, तो किसानों को अपनी उपज का स्थिर और अच्छा मूल्य मिल सकेगा। यह पहल न केवल कृषि क्षेत्र, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने इस संबंध में महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए बताया कि राज्य एथेनॉल उत्पादन में अग्रणी है और यहाँ की चीनी मिलें देश की बड़ी ज़रूरतों को पूरा कर रही हैं। २०२५ तक पेट्रोल में २०% एथेनॉल मिश्रण करने के राष्ट्रीय लक्ष्य से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और किसानों को आय के अधिक अवसर मिलेंगे।
पर्यावरण के दृष्टिकोण से देखा जाए, तो बायोफ्यूल पारंपरिक ईंधन की तुलना में एक बेहतर विकल्प है। जैव ईंधन के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम होता है, वाहनों से होने वाला प्रदूषण घटता है और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) प्राप्त करने का देश का लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलती है।
गडकरी ने जोर देकर कहा कि बायोफ्यूल केवल ईंधन नहीं है, बल्कि यह कृषि क्रांति का एक महत्वपूर्ण साधन है। हमारे द्वारा खरीदा गया एथेनॉल का हर एक लीटर, किसान की आय और देश के सतत (टिकाऊ) विकास में किया गया सीधा निवेश है।