जीएसटी कटौती से किसानों को राहत – डेयरी उत्पाद और कृषि इनपुट्स सस्ते

सरकार ने डेयरी उत्पादों और कृषि इनपुट्स पर जीएसटी दरों में कमी की घोषणा की है। उर्वरक, पशु आहार और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर कर घटने से किसानों पर वित्तीय दबाव कम होगा और ग्रामीण आजीविका को सहारा मिलेगा।

सितम्बर 4, 2025 - 10:29
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जीएसटी कटौती से किसानों को राहत – डेयरी उत्पाद और कृषि इनपुट्स सस्ते

भारतीय सरकार ने डेयरी उत्पादों और आवश्यक कृषि इनपुट्स पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब किसान बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। उर्वरक, पशु चारा और दूध से बने उत्पादों पर कर घटाने से किसानों का बोझ कम होगा और वे घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बने रह सकेंगे।

लंबे समय से किसान उत्पादन लागत और बाजार मूल्य के असंतुलन से परेशान थे। उर्वरक की कीमतें हाल के वर्षों में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के कारण बढ़ी थीं। जीएसटी कटौती से इनपुट की लागत घटेगी, जिससे किसान मिट्टी की उर्वरता बनाए रख सकेंगे और पैदावार बढ़ा सकेंगे। वहीं, डेयरी उत्पादों पर कर में राहत से दूध उत्पादकों की आमदनी बढ़ेगी और डेयरी क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

भारत का डेयरी उद्योग कृषि जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान करता है। कर बोझ कम होने से उपभोक्ताओं को भी सस्ते दाम पर उत्पाद मिलेंगे और छोटे डेयरी किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा। ग्रामीण परिवार, विशेषकर महिलाएं, जो डेयरी पर निर्भर हैं, इस फैसले से सीधे लाभान्वित होंगी। यह ग्रामीण रोज़गार और आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद करेगा।

आर्थिक दृष्टि से यह कदम कृषि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सस्ती इनपुट लागत से खाद्य सुरक्षा बेहतर होगी और महंगे आयात पर निर्भरता कम होगी। कृषि समुदाय ने इस नीति का स्वागत किया है और इसे किसानों की चुनौतियों को कम करने वाला बताया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कटौती अगर सही ढंग से लागू हुई तो यह कृषि क्षेत्र को स्थायी मजबूती प्रदान करेगी।

आगे चलकर विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम को बेहतर ऋण सुविधा, भंडारण ढांचे और डिजिटल मार्केटिंग से भी जोड़ना चाहिए। केवल कर कटौती से ही कृषि क्षेत्र की सभी चुनौतियां हल नहीं होंगी, लेकिन यह निर्णय एक सकारात्मक शुरुआत है। इससे सरकार की किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी आर्थिक मजबूती के लिए प्रतिबद्धता झलकती है।