ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण: 'पोकरा' फेज 2 के तहत कृषि उपकरण बैंक की स्थापना के लिए 60% (₹24 लाख तक) सब्सिडी
विश्व बैंक की सहायता से संचालित 'नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना' (पोकरा) फेज 2 के तहत, महाराष्ट्र सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ग्राम स्तर पर 'कस्टम हायरिंग सेंटर' स्थापित करने के लिए 60% सब्सिडी (अधिकतम ₹24 लाख) प्रदान कर रही है। इस पहल का उद्देश्य खेतों में महिलाओं के शारीरिक श्रम को कम करना और छोटे किसानों को सस्ती मशीनरी उपलब्ध कराना है।
महाराष्ट्र सरकार ने नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना (पोकरा) फेज 2 के तहत अपनी सबसे महत्वाकांक्षी महिला-केंद्रित कृषि परियोजनाओं में से एक के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, यह योजना पात्र महिला समूहों को 'कृषि उपकरण बैंक' स्थापित करने के लिए 60% मिलान अनुदान (अधिकतम ₹24 लाख की सीमा तक) प्रदान करती है। यह परियोजना मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के 16 सूखाग्रस्त और जलवायु के प्रति संवेदनशील जिलों पर केंद्रित है।
कौन आवेदन कर सकता है?
यह योजना विशेष रूप से पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और ग्राम संघों के लिए तैयार की गई है। पात्र होने के लिए, समूह को:
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'उमेद' (MSRLM) या 'माविम' (MAVIM) द्वारा प्रोत्साहित होना चाहिए।
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इसमें अलग-अलग परिवारों के कम से कम 10 सदस्य होने चाहिए।
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पहले किसी अन्य सरकारी योजना के तहत इसी तरह के उपकरण बैंक के लिए सब्सिडी प्राप्त नहीं की होनी चाहिए।
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यदि एक ही गांव से कई आवेदन प्राप्त होते हैं, तो चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
उपकरण और वित्तपोषण विवरण:
समूह अपनी स्थानीय फसल पद्धतियों के आधार पर ट्रैक्टर, बीबीएफ (BBF) मशीनें, बेड मेकर, सीड ड्रिल और थ्रेशर जैसी मशीनरी चुन सकते हैं। यदि परियोजना में ट्रैक्टर शामिल है, तो समूह को कम से कम तीन अतिरिक्त उपकरण खरीदना अनिवार्य है ताकि बैंक किसानों को सेवाओं की पूरी श्रृंखला प्रदान कर सके। ₹20 लाख से अधिक की परियोजनाओं के लिए, शेष राशि के लिए बैंक ऋण लेना अनिवार्य है।
लक्ष्य:
प्राथमिक उद्देश्य दोतरफा है: पारंपरिक खेती में महिलाओं के लिए आवश्यक शारीरिक श्रम को कम करना और छोटे व सीमांत किसानों को किराये के आधार पर महंगी मशीनरी तक पहुंच प्रदान करना। यह "कस्टम हायरिंग सेंटर" मॉडल सुनिश्चित करता है कि जिन किसानों के पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है, वे भी उत्पादकता बढ़ाने और अनियमित मौसम पैटर्न के खिलाफ लचीलापन बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सकें।
आवेदन कैसे करें?
इच्छुक समूहों को अपना आवेदन FPO-DBT-Portal या आधिकारिक 'महाविस्तार एआई' (MahaVistar AI) ऐप के माध्यम से जमा करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों में समूह का पंजीकरण प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, सभी सदस्यों के आधार नंबर और बैंक शुरू करने के लिए समूह द्वारा पारित प्रस्ताव (ठराव) शामिल हैं। बुलढाणा जैसे जिलों में आवेदन की अंतिम तिथि 5 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। अधिक सहायता के लिए, किसान आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।