IMD पूर्वानुमान: सितंबर में महाराष्ट्र में सामान्य से अधिक बारिश की उम्मीद

IMD के अनुसार सितंबर में महाराष्ट्र में मौसम सक्रिय रहेगा और अधिकांश इलाकों में औसत से अधिक बारिश होने की संभावना है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में औसत या इससे कम बारिश हो सकती है, इसलिए सिंचाई व फसल प्रबंधन की रणनीति आवश्यक है।

सितम्बर 2, 2025 - 09:28
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IMD पूर्वानुमान: सितंबर में महाराष्ट्र में सामान्य से अधिक बारिश की उम्मीद
महाराष्ट्र की एक रंगीन मैप जिसमें कोंकण व मराठवाड़ा में अधिक बारिश को दर्शाते हुए नीले-हरे रंग, जबकि कुछ हिस्सों में पीला-नारंगी रंग।

भारत मौसम विभाग (IMD) ने सितंबर में महाराष्ट्र के अधिकांश भागों में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना जताई है। इसका मतलब है कि मॉनसून अभी सक्रिय है और मध्य महीने तक इसकी वापसी की संभावना कम है। बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन रहा है, जिससे राज्य में व्यापक बारिश बनी रहने की संभावना है। ये बारिश कर्षि फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है।

अगस्त में राज्य को कुल 331.8 मिमी बारिश मिली, जबकि सामान्य मात्रा 280.2 मिमी थी—लगभग 18% ज्यादा। कोंकण क्षेत्र में यह आंकड़ा 37% अधिक रहा (1014.5 मिमी), जबकि मराठवाडा में 65% अधिक बारिश दर्ज हुई (290.9 मिमी)। वहीं, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में बारिश औसत स्तर पर रही।

सितंबर माह में अनुमानित रूप से पूरे महाराष्ट्र में सामान्य से अधिक बारिश होगी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में—विशेष रूप से दक्षिण मराठवाडा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ भागों में—बारिश सामान्य या उससे कम हो सकती है। यह विभिन्न जिलों की सिंचाई और रबी फसल योजना पर असर डाल सकता है, इसलिए कुशल जल प्रबंधन बहुत आवश्यक है।

IMD निदेशक कुल, मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि ENSO (एल नीनो–साउदर्न ऑस्सिलेशन) स्थिति इस समय तटस्थ है, जिससे मॉनसून स्थिर बना हुआ है। इस वर्ष मॉनसून की देरी और व्यापक बारिश इस स्थिर स्थिति का परिणाम हो सकती है, जो महाराष्ट्र के जल स्रोतों के पुनर्भरण के लिए महत्वपूर्ण है।

यह पूर्वानुमान किसानों, योजनाकारों और आपदा प्रबंधन विभाग दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहना चाहिए और शासन को जल वितरण व फसल सुरक्षा योजनाओं में संतुलन बनाए रखना चाहिए। लक्षित गाइडलाइन्स और स्थानीय मानसून मॉनिटरिंग से राज्य अधिक व्यवस्थित तैयार हो सकता है।